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UPRTOU UGST-102(N) Solved Assignment 2025-26

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UPRTOU UGST-102(N) Solved Assignment 2025-26

उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज

Session: 2025-26 Max. Marks: 30
Program Name: BA Sanskrit
Course Code: UGST-102 (N)
Course Title: उत्तररामचरितम् तथा छन्द एवं अलंकार

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Description

UPRTOU UGST-102(N) Solved Assignment 2025-26

उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज

Session: 2025-26 Max. Marks: 30
Program Name: BA Sanskrit
Course Code: UGST-102 (N)
Course Title: उत्तररामचरितम् तथा छन्द एवं अलंकार

NOTE: All questions are compulsory.
SECTION-A
NOTE: Short answer type question (approx. 200 to 300 words)
1. निम्नलिखित श्लोकों का हिन्दी में अनुवाद कीजिए –
एतानि तानि गिरिनिर्झरिणीतटेषु
वैखानसाश्रितरूणि तपोवनानि।
येष्वातिथेयपरमाः शमिनो भजन्ते ,
नीवारमुष्टिपचना गृहिणो गृहाणि ।।
2. निम्नलिखित श्लोकों का हिन्दी में अनुवाद कीजिए –
यथेच्छं भोग्यं वो वनमिदमयं मे सुदिवसः
सतंा सद्भिः सड्.गः कथमपि हि पुण्येन भवति।
तरुच्छाया तोयं यदपि तपसो योग्यमशनं
फलं वा मूल वा तदपि न पराधीनमिह वः।।
3. निम्नलिखित में से किसी एक छन्द का सोदाहरण लक्षण लिखिए-
मालिनी, स्रग्धरा, शिखरिणी, पुष्पिताग्रा
4. निम्नलिखित श्लोक का संन्दर्भ सहित हिन्दी में अर्थ बताइए-
लौकिकानां हि साधूनामर्थं वागनुवर्त ते।
ऋषीणां पुनराद्यानां वाचमर्थोऽनुधावति।।
5. भवभूति के काव्य-सौन्दर्य पर प्रकाश डालिए।
6. निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए-
(क) नायक (ख) प्रेक्षागृह (ग) अंक

SECTION- B
NOTE: Long answer type question (approx. 500 to 800 words
7. निम्नलिखित श्लोक की संस्कृत में ससन्दर्भ व्याख्या कीजिए –
न किंचिंदपि कुर्वाणः सौख्यैर्दुःखान्यपोहति।
तत्तस्य किमपि द्रव्यं यो हि यस्य प्रियो जनः।।
8. नायक के भेद स्पष्ट करते हुए, उत्तररामचरित नाटक के नायक की कोटि स्पष्ट कीजिए।
9. ‘करुण रस अभिव्यं´ना में भवभूति सिद्धहस्त हैं- इस कथन की व्याख्या कीजिए।

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