Description
कर्नाटक संगीत (243)
शिक्षक अंकित मूल्यांकन पत्र
कुल अंक – 20
टिप्पणी :
(i) सभी अनिवार्य हैं। प्रत्येक के लिए आवंटित अंक प्रश्न के सामने अंकित हैं।
(ii) उत्तर पुस्तिका के पहले पृष्ठ के शीर्ष पर अपना नाम, नामांकन संख्या, अध्ययन केन्द्र का नाम और विषय लिखें।
1. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर लगभग 40-60 शब्दों में दीजिए।
(a) उन कारणों को बताइए कि भारतीय संगीत के राग सदैव से ही पश्चिम के लिए आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। (पाठ 2 देखे)
(b) उस राग की पहचान करें जिसे शुरुआती लोगों के लिए सीखना आसान है क्योंकि इसमें स्वर एक दूसरे से संतुलित दूरी पर होते हैं और ऐसा क्यों होता है। (पाठ-4 देखे)
2. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर लगभग 40-60 शब्दों में दीजिए।
(a) जनता वारिसाई और सरली वारिसाई अभ्यासों के बीच कोई एक अंतर लिखिए। (पाठ 4 देखे)
(b) कनाटक संगीत में उन स्वरों को उल्लेखित करें जिन्हें उचित आरोहण और अवरोहण में व्यवस्थित किया जाना चाहिए। (पाठ 2 देखे)
3. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर लगभग 40-60 शब्दों में दीजिए।
(a) उन संगीत वाद्यों की पहचान करें जिनकी पूजा संगीतकार विभिन्न अवसरों पर सर्वोत्तम संगीत प्राप्त करने के लिए करते हैं। (पाठ 6 देखे)
(b) किसी दो संगीत वाद्यों के नाम बताइए जिनकी ध्वनि तारों को कंपन में डालकर उत्पन्न की जाती है। (पाठ 6 देखे)
4. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर लगभग 100-150 शब्दों में दीजिए।
(a) ‘भारतीय संगीत में राग को सुशोभित करने के लिए अलंकारों का उपयोग किया जाता है’, अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए। (पाठ 4 देखे)
(b) समझाइए कि ‘अभ्यास गाना संगीत के विद्यार्थियों को संगीत के लयबद्ध और माधुर्यपूर्ण दोनों पहलुओं में दक्षता प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।’ (पाठ 4 देखे)
5. निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर लगभग 100-150 शब्दों में दीजिए।
(a) किसी संगीत समारोह में ड्रोन् वाद्य आमतौर पर दर्शन के आरंभ से अंत तक क्यों बजता रहता है? (पाठ 6 देखे)
(b) कनाटक संगीत में एक तार वाद्य को पवन वाद्य से सम्बद्ध कर और विस्तार से प्रस्तुत कीजिए। (पाठ 6 देखे)
6. नीचे दी गई परियोजनाओं में से कोई एक परियोजना तैयार कीजिए।
(a) तार वाद्यों की तीन तस्वीरें एकत्र कर और उन्हें अपनी परियोजना फ़ाइल में चिपकाएँ। अब इनमें से प्रत्येक उपकरण के बारे में संक्षेप में लिखें। (पाठ 4 देखे)
(b) अपने नजदीकी पुस्तकालय में जाकर रागों और तालों में से प्रत्येक की कोई तीन पुस्तकें एकत्र करें और अपनी प्रोजेक्ट फ़ाइल में लेखकों के नाम और कनाटक संगीत की उन पुस्तकों के शीर्षक लिखें। (पाठ 2 देखे)
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